- बंगाल के रुझानों का असर उज्जैन तक: भाजपा की बढ़त पर बंगाली कॉलोनी में उत्सव, ढोल-नगाड़ों के साथ मना जश्न
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में दिए दर्शन
- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
उज्जैन में अब तक 21 इंच बारिश, औसत से 16 इंच दूर
उज्जैन । मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 19 जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई जिलों में बाढ़ आ गई है।बारिश का सबसे ज्यादा प्रभावित सागर जिला हुआ है। दो दिन से जारी बारिश से पूरे शहर में जलभराव हो गया है। बीना में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से यातायात बाधित रहा। कई ट्रेनें और मालगाड़ी प्रभावित हुईं। वहीं जब तक ट्रैक पर पानी भरा रहा तब तक प्लेटफॉर्म पर गाडिय़ों को खड़ा रखा गया। इधर होशंदाबाद में बारिश से नर्मदा और तवा का जलस्तर बढ़ गया है। सारनी सतपुड़ा बांध के 5 गेट खुलने से तवा में जलस्तर और बढ़ेगा।
उज्जैन सहित आसपास के इलाकों में हुई बारिश से सोमवार को शिप्रा नदी और गंभीर डेम का जलस्तर बढ़ गया है। गंभीर डेम आधा भर चुका है। इसमें अब तक 1237 एमसीएफटी पानी आ गया है। गंभीर डेम की कुछ क्षमता 2250 एमसीएफटी है। इंदौर स्थित यशवंत सागर पूरी क्षमता से भराने में अब ४ फीट पानी शेष रह गया है। यदि यह पूरी क्षमता से भर जाता है तो इसके गेट खुलते ही गंभीर डेम पूरी क्षमता से भर जाएगा।