- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
उज्जैन में अब तक 21 इंच बारिश, औसत से 16 इंच दूर
उज्जैन । मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 19 जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई जिलों में बाढ़ आ गई है।बारिश का सबसे ज्यादा प्रभावित सागर जिला हुआ है। दो दिन से जारी बारिश से पूरे शहर में जलभराव हो गया है। बीना में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से यातायात बाधित रहा। कई ट्रेनें और मालगाड़ी प्रभावित हुईं। वहीं जब तक ट्रैक पर पानी भरा रहा तब तक प्लेटफॉर्म पर गाडिय़ों को खड़ा रखा गया। इधर होशंदाबाद में बारिश से नर्मदा और तवा का जलस्तर बढ़ गया है। सारनी सतपुड़ा बांध के 5 गेट खुलने से तवा में जलस्तर और बढ़ेगा।
उज्जैन सहित आसपास के इलाकों में हुई बारिश से सोमवार को शिप्रा नदी और गंभीर डेम का जलस्तर बढ़ गया है। गंभीर डेम आधा भर चुका है। इसमें अब तक 1237 एमसीएफटी पानी आ गया है। गंभीर डेम की कुछ क्षमता 2250 एमसीएफटी है। इंदौर स्थित यशवंत सागर पूरी क्षमता से भराने में अब ४ फीट पानी शेष रह गया है। यदि यह पूरी क्षमता से भर जाता है तो इसके गेट खुलते ही गंभीर डेम पूरी क्षमता से भर जाएगा।