- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
उज्जैन में अब तक 21 इंच बारिश, औसत से 16 इंच दूर
उज्जैन । मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 19 जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई जिलों में बाढ़ आ गई है।बारिश का सबसे ज्यादा प्रभावित सागर जिला हुआ है। दो दिन से जारी बारिश से पूरे शहर में जलभराव हो गया है। बीना में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से यातायात बाधित रहा। कई ट्रेनें और मालगाड़ी प्रभावित हुईं। वहीं जब तक ट्रैक पर पानी भरा रहा तब तक प्लेटफॉर्म पर गाडिय़ों को खड़ा रखा गया। इधर होशंदाबाद में बारिश से नर्मदा और तवा का जलस्तर बढ़ गया है। सारनी सतपुड़ा बांध के 5 गेट खुलने से तवा में जलस्तर और बढ़ेगा।
उज्जैन सहित आसपास के इलाकों में हुई बारिश से सोमवार को शिप्रा नदी और गंभीर डेम का जलस्तर बढ़ गया है। गंभीर डेम आधा भर चुका है। इसमें अब तक 1237 एमसीएफटी पानी आ गया है। गंभीर डेम की कुछ क्षमता 2250 एमसीएफटी है। इंदौर स्थित यशवंत सागर पूरी क्षमता से भराने में अब ४ फीट पानी शेष रह गया है। यदि यह पूरी क्षमता से भर जाता है तो इसके गेट खुलते ही गंभीर डेम पूरी क्षमता से भर जाएगा।